कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ को लेकर उठे विवाद पर खुलकर अपनी बात रखी। Shashi Tharoor Defends Modi Praise बयान के जरिए उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने संसद के भीतर कभी भी कांग्रेस की आधिकारिक लाइन से अलग रुख नहीं अपनाया।
केरल साहित्य महोत्सव में बोलते हुए थरूर ने कहा कि विचार व्यक्त करना और पार्टी से बगावत करना दो अलग बातें हैं। उन्होंने यह भी दोहराया कि संसद में उनका हर वक्तव्य कांग्रेस की नीति के अनुरूप रहा है। हालांकि, ऑपरेशन सिंदूर जैसे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर उनका रुख पार्टी के सामान्य बयान से अलग जरूर रहा।
Shashi Tharoor Defends Modi Praise करते हुए थरूर ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा संविधान के प्रति सम्मान दिखाना एक तथ्य है, जिसे स्वीकार करने में कोई संकोच नहीं होना चाहिए। उनके अनुसार, संविधान ने समय की हर कसौटी पर खुद को मजबूत साबित किया है।
थरूर ने आतंकवाद और राष्ट्रीय सुरक्षा पर सख्त रुख को जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि पाहलगाम जैसे आतंकी हमलों के बाद देश को स्पष्ट और मजबूत संदेश की जरूरत होती है। यही कारण है कि उन्होंने इस मुद्दे पर बिना किसी पछतावे के अपनी राय रखी।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह बयान कांग्रेस के भीतर वैचारिक विविधता और आंतरिक संवाद की स्थिति को दर्शाता है। Yugvardhini | Aarti Sharma के राजनीतिक विश्लेषण में यह मुद्दा आने वाले समय में और गहराने की संभावना रखता है।
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
Q1. शशि थरूर ने मोदी की तारीफ क्यों की?
थरूर के अनुसार, यह संविधान और संस्थाओं के सम्मान की स्वीकारोक्ति थी।
Q2. क्या शशि थरूर कांग्रेस से नाराज हैं?
नहीं, उन्होंने साफ किया कि संसद में वे हमेशा पार्टी लाइन पर रहे हैं।
Q3. ऑपरेशन सिंदूर पर उनका रुख अलग क्यों था?
राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर उन्होंने स्पष्ट और सख्त बयान को जरूरी माना।
