केंद्र सरकार ने आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 जारी कर दिया है।
इस रिपोर्ट में भारत की आर्थिक स्थिति और भविष्य की संभावनाओं का आकलन किया गया है।
सरकार का अनुमान है कि अगले वित्त वर्ष में अर्थव्यवस्था 6.8% से 7.2% की दर से बढ़ सकती है।
आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार, खपत और निवेश में सुधार से विकास को गति मिल रही है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि महंगाई नियंत्रण में है और घरेलू मांग मजबूत बनी हुई है।
एमएसएमई, कृषि और रोजगार जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देने की बात कही गई है।
हालांकि, आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 में आरटीआई कानून को लेकर की गई टिप्पणी पर विवाद भी शुरू हो गया है।
रिपोर्ट में सूचना का अधिकार अधिनियम की समीक्षा की जरूरत बताई गई है।
सरकार का तर्क है कि गोपनीय दस्तावेजों को सार्वजनिक करने की बाध्यता प्रशासनिक कामकाज को प्रभावित करती है।
विपक्ष का कहना है कि आर्थिक सर्वेक्षण में आरटीआई पर दिया गया रुख पारदर्शिता के खिलाफ है।
उनके अनुसार, सूचना का अधिकार आम जनता की आवाज है।
इस मुद्दे पर आने वाले दिनों में राजनीतिक बहस तेज होने की संभावना है।
यह रिपोर्ट Yugvardhini | Aarti sharma के लिए तैयार की गई है।
FAQs
प्रश्न 1: आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 क्या है?
उत्तर: यह सरकार की वार्षिक रिपोर्ट है, जो अर्थव्यवस्था की स्थिति और भविष्य के अनुमान बताती है।
प्रश्न 2: आर्थिक सर्वेक्षण में आरटीआई पर क्या कहा गया है?
उत्तर: इसमें आरटीआई कानून की समीक्षा और गोपनीय रिपोर्टों को छूट देने की बात कही गई है।
प्रश्न 3: आर्थिक सर्वेक्षण का ग्रोथ अनुमान कितना है?
उत्तर: अगले वित्त वर्ष के लिए 6.8% से 7.2% की विकास दर का अनुमान है।
