मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच ईरान तेल कमाई लगातार चर्चा में है। जहां कई खाड़ी देशों की सप्लाई प्रभावित हुई है, वहीं ईरान ने हालात का फायदा उठाकर तेल निर्यात को बनाए रखा है। खार्ग टर्मिनल से सप्लाई जारी रहने के कारण देश को रोजाना लाखों बैरल तेल बेचने का मौका मिल रहा है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान प्रतिदिन करीब 1.7 से 2 मिलियन बैरल तेल निर्यात कर रहा है। इस दौरान ‘घोस्ट फ्लीट’ के जरिए चीन तक सप्लाई जारी रखी गई। इससे ईरान तेल कमाई में स्थिरता बनी रही।
साथ ही होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर अतिरिक्त शुल्क वसूला जा रहा है। इस ‘वॉर टैक्स’ से भी ईरान की आय बढ़ी है। दूसरी ओर, सऊदी अरब और इराक जैसे देशों का उत्पादन घटा है, जिससे बाजार में सप्लाई कम हुई और कीमतें बढ़ीं।
तेल की बढ़ती कीमतों का असर भारत समेत कई देशों पर पड़ सकता है। अगर यह स्थिति जारी रहती है, तो महंगाई बढ़ने की संभावना है। ऐसे में ईरान तेल कमाई का बढ़ना वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए अहम संकेत बन गया है।
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
Q1. ईरान तेल कमाई क्यों बढ़ रही है?
युद्ध के बावजूद खार्ग टर्मिनल से सप्लाई जारी है और वैकल्पिक तरीकों से निर्यात हो रहा है।
Q2. क्या इसका असर भारत पर पड़ेगा?
हाँ, तेल की कीमतें बढ़ने से भारत में महंगाई बढ़ सकती है।
Q3. होर्मुज स्ट्रेट का क्या महत्व है?
यह दुनिया का सबसे अहम तेल मार्ग है, जहां से बड़ी मात्रा में तेल सप्लाई होती है।
