भारत में हवाई यात्रा से जुड़ा बड़ा फैसला फिलहाल टल गया है। सरकार ने प्रस्तावित फ्लाइट फ्री सीट नियम को अस्थायी रूप से रोक दिया है। इस नियम के तहत एयरलाइंस को अपनी 60% सीटें यात्रियों को बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के चुनने देना था।
यह नियम 20 अप्रैल से लागू होना था, लेकिन एयरलाइंस कंपनियों की आपत्तियों के बाद सरकार ने इसे फिलहाल स्थगित कर दिया है। अब इस पर विस्तृत समीक्षा के बाद ही अंतिम फैसला लिया जाएगा।
मौजूदा व्यवस्था में यात्रियों को केवल 20% सीटें ही मुफ्त में चुनने का विकल्प मिलता है। बाकी सीटों के लिए 500 से 3000 रुपए तक अतिरिक्त शुल्क देना पड़ता है। खासकर विंडो या आगे की सीट के लिए ज्यादा पैसे वसूले जाते हैं।
अगर फ्लाइट फ्री सीट नियम लागू होता, तो यात्रियों को ज्यादा विकल्प मिलते और सीट चयन में पारदर्शिता आती। हालांकि एयरलाइंस का कहना है कि इससे उनके रेवेन्यू पर असर पड़ेगा और टिकट की कीमतें बढ़ सकती हैं।
सरकार ने साफ किया है कि यात्रियों और कंपनियों दोनों के हितों को ध्यान में रखते हुए संतुलित फैसला लिया जाएगा।
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
1. फ्लाइट फ्री सीट नियम क्या है?
यह नियम एयरलाइंस को 60% सीटें बिना अतिरिक्त शुल्क के उपलब्ध कराने के लिए कहता है।
2. अभी कितनी सीटें फ्री मिलती हैं?
वर्तमान में केवल 20% सीटें ही मुफ्त में चुनी जा सकती हैं।
3. यह नियम क्यों रोका गया?
एयरलाइंस कंपनियों ने ऑपरेशन और रेवेन्यू को लेकर आपत्ति जताई थी।
4. क्या भविष्य में यह नियम लागू होगा?
सरकार समीक्षा के बाद इस पर अंतिम निर्णय लेगी।
