दिल्ली में हुए बार काउंसिल चुनाव के दौरान दिल्ली बार काउंसिल चुनाव मतपत्र छेड़छाड़ का मामला सामने आने से हड़कंप मच गया है। मतगणना के दौरान कुछ मतपत्रों में गड़बड़ी पाई गई, जिसके बाद चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठने लगे हैं।
तिलक नगर थाने में इस मामले को लेकर प्राथमिकी दर्ज की गई है। आरोप है कि मतगणना स्टाफ के एक सदस्य ने मतपत्रों में दूसरी वरीयता को बदल दिया। इससे एक उम्मीदवार को अनुचित लाभ मिलने की बात सामने आई है।
जानकारी के अनुसार, मतपत्रों में अंक ‘2’ के आगे ‘1’ जोड़कर उसे ‘12’ बनाया गया और फिर एक विशेष उम्मीदवार के पक्ष में दूसरी वरीयता अंकित कर दी गई। इस तरह दिल्ली बार काउंसिल चुनाव मतपत्र छेड़छाड़ के जरिए परिणाम को प्रभावित करने की कोशिश की गई।
चुनाव समिति ने तुरंत जांच शुरू की और आरोपी कर्मचारी की पहचान कर ली। इसके बाद पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।
अब चुनाव समिति ने उम्मीदवारों को शिकायत दर्ज करने का समय दिया है और मतगणना को दोबारा शुरू करने का निर्णय लिया गया है। यह फैसला चुनाव की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए लिया गया है।
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
Q1. दिल्ली बार काउंसिल चुनाव मतपत्र छेड़छाड़ क्या है?
यह वह मामला है जिसमें मतपत्रों में वरीयता बदलकर चुनाव परिणाम को प्रभावित करने की कोशिश की गई।
Q2. इस मामले में FIR किसके खिलाफ दर्ज हुई है?
मतगणना से जुड़े एक कर्मचारी के खिलाफ FIR दर्ज की गई है।
Q3. क्या चुनाव परिणाम दोबारा गिने जाएंगे?
हाँ, चुनाव समिति ने मतगणना दोबारा शुरू करने का फैसला लिया है।
Q4. किस तरह की छेड़छाड़ सामने आई?
मतपत्रों में अंक बदलकर दूसरी वरीयता को गलत तरीके से दर्शाया गया।
