अमेरिका में आयोजित एक अहम बैठक में AI सप्लाई चेन समझौता पर भारत सहित 35 देशों ने हस्ताक्षर किए। इस पहल का उद्देश्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ी वैश्विक सप्लाई चेन को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाना है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह समझौता भविष्य में एआई तकनीक, सेमीकंडक्टर और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास को नई दिशा दे सकता है।
AI सप्लाई चेन समझौता के तहत सदस्य देश तकनीकी सहयोग बढ़ाने, आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने और नवाचार को बढ़ावा देने पर मिलकर काम करेंगे। इसके अलावा साइबर सुरक्षा, डेटा संरक्षण और उभरती तकनीकों के जिम्मेदार उपयोग जैसे मुद्दों पर भी सहयोग की बात कही गई है।भारत की भागीदारी को इस समझौते में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे देश के सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण और एआई स्टार्टअप इकोसिस्टम को वैश्विक स्तर पर नए अवसर मिल सकते हैं। साथ ही, अंतरराष्ट्रीय तकनीकी साझेदारी भी मजबूत होने की उम्मीद है।
FAQ
प्रश्न 1: AI सप्लाई चेन समझौता क्या है?
उत्तर: यह एआई तकनीक से जुड़ी वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को सुरक्षित और मजबूत बनाने की अंतरराष्ट्रीय पहल है।
प्रश्न 2: इसमें कितने देशों ने भाग लिया?
उत्तर: भारत सहित कुल 35 देशों ने इस समझौते पर हस्ताक्षर किए।
