भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुआ India EU Trade Deal दोनों अर्थव्यवस्थाओं के लिए एक अहम पड़ाव माना जा रहा है। करीब दो दशकों की बातचीत के बाद यह समझौता सामने आया है, जिससे भारत और यूरोप के व्यापारिक रिश्तों को नई मजबूती मिली है। इस डील के तहत कई उत्पादों पर लगने वाले भारी टैरिफ को चरणबद्ध तरीके से कम किया जाएगा, जिससे व्यापार लागत घटेगी और बाजार तक पहुंच आसान होगी।
India EU Trade Deal से भारत के कपड़ा, चमड़ा, रत्न-आभूषण, समुद्री उत्पाद और हस्तशिल्प जैसे क्षेत्रों को खास फायदा होने की उम्मीद है। वहीं यूरोपीय कंपनियों को भारत में ऑटोमोबाइल, मशीनरी और तकनीकी उत्पादों के लिए बेहतर अवसर मिलेंगे। यह समझौता निवेश और सप्लाई चेन को भी मजबूत करेगा।
इस डील को ऐसे समय पर लागू किया गया है, जब वैश्विक स्तर पर संरक्षणवाद बढ़ रहा है। भारत और यूरोपीय संघ ने मुक्त व्यापार और सहयोग को प्राथमिकता देकर एक सकारात्मक संदेश दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे भारत का सबसे बड़ा मुक्त व्यापार समझौता बताया है, जबकि यूरोपीय नेतृत्व ने इसे “विन-विन साझेदारी” करार दिया है।
Yugvardhini | Aarti sharma के अनुसार, यह समझौता भारत के किसानों, छोटे कारोबारियों और सेवा क्षेत्र के लिए नए अवसर खोल सकता है। साथ ही पेशेवरों की आवाजाही को आसान बनाने वाला मोबिलिटी फ्रेमवर्क भी इस डील का अहम हिस्सा है।
