राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि स्वामी विवेकानंद ने भारत की सांस्कृतिक चेतना को नई दिशा दी। उन्होंने युवाओं को देश की सबसे बड़ी शक्ति बताते हुए कहा कि उनके विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने पश्चिमी देशों को भारतीय दर्शन और सनातन संस्कृति से परिचित कराया। उनके विचारों ने भारत को वैश्विक पहचान दिलाई। युवा दिवस युवाओं को आत्मचिंतन और राष्ट्र निर्माण से जुड़ने का अवसर देता है।
कार्यक्रम में युवा मंगल दलों, महिला मंगल दलों और राष्ट्रीय युवा पुरस्कार विजेताओं को सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने युवाओं से नशे से दूर रहने और रोजगार प्रदाता बनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नवाचार, उद्यमिता और कौशल विकास के जरिए युवा भारत को विश्वगुरु बना सकते हैं।
युवा कल्याण मंत्री रेखा आर्य ने कहा कि स्वामी विवेकानंद का संदेश “उठो, जागो और लक्ष्य प्राप्ति तक मत रुको” हर युवा के लिए मार्गदर्शक है। राष्ट्रीय युवा दिवस युवाओं को सकारात्मक सोच और नेतृत्व की प्रेरणा देता है।
Yugvardhini मानता है कि युवाओं की सक्रिय भागीदारी से ही विकसित भारत का सपना साकार होगा।
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FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
Q1. युवा दिवस कब मनाया जाता है?
हर साल 12 जनवरी को मनाया जाता है।
Q2. दिवस क्यों मनाया जाता है?
यह दिन स्वामी विवेकानंद की जयंती के उपलक्ष्य में युवाओं को प्रेरित करने के लिए मनाया जाता है।
Q3. स्वामी विवेकानंद का युवाओं के लिए मुख्य संदेश क्या था?
उनका संदेश था – “उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य की प्राप्ति न हो जाए।”
Q4. राष्ट्रीय युवा का उद्देश्य क्या है?
युवाओं में आत्मविश्वास, राष्ट्रभक्ति और नेतृत्व क्षमता विकसित करना।
