ऑस्ट्रेलिया में जारी Australia heatwave ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। दक्षिण-पूर्वी राज्य विक्टोरिया में तापमान रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया है। कई इलाकों में पारा 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया, जिससे जंगलों में आग का खतरा तेजी से बढ़ गया। दमकल विभाग लगातार आग पर काबू पाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन तेज गर्मी और शुष्क हवाएं हालात को और कठिन बना रही हैं।
Australia heatwave के चलते कई क्षेत्रों में अग्नि आपात स्थिति घोषित की गई है। प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने, अनावश्यक यात्रा से बचने और आधिकारिक चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी है। कुछ समुदायों को एहतियातन सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश दिए गए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इस गर्मी ने जंगलों और घास के मैदानों को बारूद जैसा बना दिया है।
स्वास्थ्य विभाग ने भी Australia heatwave को लेकर चेतावनी जारी की है। बुजुर्ग, बच्चे और पहले से बीमार लोग सबसे अधिक जोखिम में हैं। हीट स्ट्रोक, थकावट और दिल से जुड़ी समस्याओं के मामले बढ़ सकते हैं। नागरिकों से पर्याप्त पानी पीने, धूप में कम निकलने और ठंडी जगहों पर रहने की अपील की गई है।
Yugvardhini | Aarti sharma के अनुसार, यह स्थिति केवल मौसमी समस्या नहीं है, बल्कि जलवायु बदलाव का संकेत भी देती है। विशेषज्ञ मानते हैं कि भविष्य में ऐसी गर्मी और आग की घटनाएं और बढ़ सकती हैं, जिससे आपदा प्रबंधन की अहमियत और बढ़ जाती है।
