पीएम सूर्य घर योजना के तहत हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। उपायुक्त अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में निर्णय लिया गया कि जिले की 10 पंचायतों को मॉडल सोलर विलेज के रूप में विकसित किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में सौर ऊर्जा का अधिकतम उपयोग बढ़ाना और लोगों को बिजली के खर्च से राहत दिलाना है।
समीक्षा बैठक में लिए गए अहम फैसले
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि पहले चयनित चार गांवों में से दो गांव नगर
पंचायत क्षेत्र में आने के कारण योजना के लिए पात्र नहीं रहे।
इसके बाद आठ नए गांवों को शामिल कर
कुल 10 पंचायतों का चयन किया गया। प्रशासन का कहना है कि इन पंचायतों में सौर ऊर्जा परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर लागू किया जाएगा।
आवेदकों से जल्द वेंडर चयन की अपील
पीएम सूर्य घर योजना के अंतर्गत शिमला जिले में अब तक 676 आवेदन प्राप्त हुए हैं। हालांकि, कई आवेदकों ने अभी तक अधिकृत वेंडर का चयन नहीं किया है। इसलिए उपायुक्त ने सभी पात्र आवेदकों से निर्धारित पोर्टल पर जल्द वेंडर चुनने की अपील की, ताकि सोलर पैनल लगाने की प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके और योजना का लाभ समय पर मिल सके।
सोलर पंचायतों को मिलेगा प्रोत्साहन
प्रशासन ने बताया कि प्रत्येक सोलर रूफटॉप स्थापना पर
पंचायत को 1,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
इसके अलावा, जिस पंचायत में सबसे अधिक सोलर रूफटॉप लगाए जाएंगे,
उसे “आदर्श सौर ग्राम” घोषित कर 1 करोड़ रुपये का विशेष पुरस्कार दिया जाएगा।
इससे पंचायतों के बीच स्वच्छ ऊर्जा अपनाने की सकारात्मक प्रतिस्पर्धा भी बढ़ेगी।
स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
पीएम सूर्य घर योजना का उद्देश्य केवल बिजली उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, ऊर्जा बचत और ग्रामीण विकास को नई गति देना भी है। वहीं, प्रशासन को उम्मीद है कि इस पहल से अधिक से अधिक परिवार सौर ऊर्जा अपनाएंगे और बिजली बिल में कमी के साथ आत्मनिर्भर ऊर्जा व्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।
