रैला ओडिंगा निधन की खबर से केन्या और भारत दोनों देशों में शोक की लहर है। केन्या के पूर्व प्रधानमंत्री रैला ओडिंगा का केरल के कुट्टुकुलम में हृदयाघात के कारण निधन हो गया। वह लगभग 80 वर्ष के थे और पिछले कुछ दिनों से आयुर्वेदिक उपचार के लिए भारत आए हुए थे। उनके निधन की सूचना सामने आने के बाद राजनीतिक नेताओं और समर्थकों ने गहरा दुख व्यक्त किया।
रैला ओडिंगा निधन के बाद पीएम मोदी का संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया के माध्यम से संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि ओडिंगा भारत के सच्चे मित्र और दूरदर्शी नेता थे। प्रधानमंत्री ने बताया कि गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए उन्हें रैला ओडिंगा से कई बार मिलने का अवसर मिला था और यह मित्रता वर्षों तक बनी रही। उन्होंने भारत और केन्या के रिश्तों को मजबूत करने में ओडिंगा के योगदान की भी सराहना की।
भारत और आयुर्वेद से था विशेष लगाव
जानकारी के अनुसार, रैला ओडिंगा भारतीय संस्कृति,
योग और आयुर्वेद से काफी प्रभावित थे।
स्वास्थ्य लाभ के लिए वे कई बार भारत आए थे।
इस बार भी वे केरल में आयुर्वेदिक उपचार ले रहे थे।
सुबह नियमित सैर के दौरान उन्हें अचानक दिल का दौरा पड़ा।
उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन चिकित्सक उन्हें बचा नहीं सके।
भारत-केन्या संबंधों में अहम योगदान
रैला ओडिंगा निधन केवल केन्या ही नहीं, बल्कि भारत के लिए भी बड़ी क्षति माना जा रहा है। उन्होंने दोनों देशों के बीच राजनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उनकी कूटनीतिक सोच और नेतृत्व को लंबे समय तक याद किया जाएगा। दोनों देशों के नेताओं ने उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
