देश में चुनावी माहौल के बीच ईवीएम छेड़छाड़ को लेकर चुनाव आयोग ने सख्त रुख अपनाया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि ईवीएम के बटन पर गोंद, इत्र या किसी भी तरह का पदार्थ लगाना गंभीर चुनावी अपराध है। हाल ही में कुछ जगहों पर यह दावा सामने आया था कि कार्यकर्ता वोट की पुष्टि के लिए ऐसा करते हैं, लेकिन आयोग ने इसे पूरी तरह गलत और गैरकानूनी बताया है।
चुनाव आयोग के अनुसार, ईवीएम छेड़छाड़ लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करती है। इसलिए सभी मतदान केंद्रों के अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे मशीन की पूरी तरह जांच करें और किसी भी तरह की गड़बड़ी मिलने पर तुरंत उच्च अधिकारियों को सूचित करें। जरूरत पड़ने पर संबंधित बूथ पर दोबारा मतदान भी कराया जा सकता है।
पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में होने वाले मतदान से पहले यह चेतावनी और भी महत्वपूर्ण हो गई है। आयोग ने साफ किया है कि ईवीएम के सभी बटन साफ और सुरक्षित होने चाहिए, ताकि मतदान प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे।
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
प्रश्न 1: क्या ईवीएम छेड़छाड़ करना अपराध है?
हाँ, ईवीएम छेड़छाड़ चुनावी कानून के तहत गंभीर अपराध है।
प्रश्न 2: बटन पर गोंद या इत्र लगाने से क्या होगा?
इससे वोट की गोपनीयता प्रभावित हो सकती है और यह अवैध है।
प्रश्न 3: ऐसे मामलों में क्या कार्रवाई होती है?
एफआईआर दर्ज हो सकती है और जरूरत पड़ने पर री-पोल कराया जा सकता है।
