दिल्ली में जारी CJP आंदोलन को लेकर संगठन के राष्ट्रीय प्रवक्ता अशुतोष रांका ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन आज़ाद भारत के बाद का सबसे बड़ा युवा आंदोलन बन चुका है। उनके अनुसार, 20 जुलाई को हुआ प्रदर्शन केवल एक ट्रेलर था। यदि सरकार ने आंदोलनकारियों की मांगों पर सकारात्मक फैसला नहीं लिया तो आने वाले दिनों में लाखों युवा दिल्ली पहुंच सकते हैं।
अशुतोष रांका ने कहा कि CJP आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण है और पिछले 31 दिनों से युवा गांधी और डॉ. भीमराव आंबेडकर के सिद्धांतों का पालन करते हुए धरने पर बैठे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि 20 जुलाई की रैली के दौरान हालात तब बिगड़े जब पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग किया। रांका ने यह भी कहा कि संगठन की स्पष्ट मांग है कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर और भविष्य में दर्ज होने वाली किसी भी एफआईआर को वापस लिया जाए। उनका कहना है कि जब तक यह मांग पूरी नहीं होगी, तब तक CJP आंदोलन समाप्त नहीं होगा।
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रांका ने आगे कहा कि संगठन किसी भी कानूनी कार्रवाई से डरने
वाला नहीं है और यदि जरूरत पड़ी तो गिरफ्तारी का भी सामना करेगा।
उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से इस मुद्दे पर साथ आने
की अपील करते हुए कहा कि यह युवाओं के भविष्य का सवाल है।
फिलहाल CJP आंदोलन राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय
बना हुआ है और सरकार की अगली प्रतिक्रिया पर सभी की नजरें टिकी हैं।
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
प्रश्न 1: CJP आंदोलन किस मुद्दे को लेकर चल रहा है?
उत्तर: यह आंदोलन युवाओं और छात्रों की मांगों को लेकर किया जा रहा प्रदर्शन है।
प्रश्न 2: अशुतोष रांका ने क्या कहा?
उत्तर: उन्होंने कहा कि 20 जुलाई का प्रदर्शन केवल ट्रेलर था और मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और बड़ा होगा।
प्रश्न 3: CJP आंदोलन की मुख्य मांग क्या है?
उत्तर: प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज और भविष्य में दर्ज होने वाली एफआईआर वापस लेने की मांग।
