एचपीयू एमओयू के तहत हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू), शिमला और हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम लिमिटेड (एचपीटीडीसी) के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते का उद्देश्य विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों को राज्य के पर्यटन स्थलों पर विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराना और पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देना है। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति प्रो. महावीर सिंह ने की।
विद्यार्थियों और कर्मचारियों को मिलेगा सीधा लाभ
कुलपति प्रो. महावीर सिंह ने कहा कि एचपीयू एमओयू विश्वविद्यालय परिवार के लिए लाभदायक साबित होगा। इस समझौते के बाद विद्यार्थी, शिक्षक और कर्मचारी एचपीटीडीसी के होटलों एवं पर्यटन स्थलों पर विशेष रियायती दरों का लाभ उठा सकेंगे। इसके अलावा, इस पहल से शैक्षणिक भ्रमण, शोध गतिविधियों और पर्यटन से जुड़े प्रशिक्षण कार्यक्रमों को भी नई गति मिलेगी।
पर्यटन उद्योग को मिलेगा प्रोत्साहन
एचपीटीडीसी के अधिकारियों ने विश्वास जताया कि यह समझौता
प्रदेश के पर्यटन उद्योग को नई दिशा देगा।
वहीं, विश्वविद्यालय और पर्यटन निगम के बीच बेहतर समन्वय से पर्यटन को बढ़ावा
मिलेगा और अधिक लोग हिमाचल के प्रमुख पर्यटन स्थलों का भ्रमण कर सकेंगे। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार के अवसरों को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
शिक्षा और पर्यटन के बीच मजबूत सहयोग
एचपीयू एमओयू केवल एक प्रशासनिक समझौता नहीं है, बल्कि शिक्षा और पर्यटन क्षेत्र के बीच सहयोग को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। हालांकि, इस समझौते का वास्तविक लाभ तभी मिलेगा जब विद्यार्थी और कर्मचारी उपलब्ध सुविधाओं का अधिक से अधिक उपयोग करेंगे और पर्यटन गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाएंगे।
प्रदेश के विकास में निभाएगा अहम भूमिका
विशेषज्ञों का मानना है कि एचपीयू एमओयू से हिमाचल प्रदेश में
शैक्षणिक पर्यटन (Educational Tourism) को बढ़ावा मिलेगा।
कुल मिलाकर, यह पहल विद्यार्थियों, कर्मचारियों, पर्यटन उद्योग और
राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए लाभकारी साबित हो सकती है तथा
भविष्य में ऐसे और सहयोगात्मक कार्यक्रमों का मार्ग भी प्रशस्त करेगी।
