नई दिल्ली: देश में कैंसर की समय पर पहचान और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में सुप्रीम कोर्ट ने महत्वपूर्ण पहल की है। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने शेष 19 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से कैंसर को Notifiable Disease घोषित करने पर विचार करने को कहा है। अदालत ने देशभर में कैंसर स्क्रीनिंग को प्रभावी तरीके से लागू करने के उपायों पर भी ध्यान देने को कहा।
सुप्रीम कोर्ट को बताया गया कि देश के कुल 36 राज्यों और
केंद्र शासित प्रदेशों में से 17 पहले ही कैंसर को अधिसूचित बीमारी घोषित कर चुके हैं।
अब अदालत का ध्यान उन शेष राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों पर है, जहां अभी यह व्यवस्था लागू नहीं हुई है।
कैंसर Notifiable Disease से क्या बदलेगा?
किसी बीमारी को Notifiable Disease घोषित करने से उसके मामलों की व्यवस्थित रिपोर्टिंग में मदद मिल सकती है।
कैंसर Notifiable Disease India व्यवस्था मजबूत होने पर स्वास्थ्य विभागों को कैंसर के मामलों से जुड़े बेहतर आंकड़े मिल सकते हैं।
इस डेटा से सरकार को यह समझने में मदद मिलेगी
कि किन क्षेत्रों में कैंसर के मामले अधिक सामने आ रहे हैं।
इसके आधार पर स्क्रीनिंग सेंटर, अस्पताल और विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं की योजना बेहतर तरीके से बनाई जा सकती है।
कैंसर स्क्रीनिंग पर सुप्रीम कोर्ट का जोर
अदालत ने कैंसर की शुरुआती पहचान के लिए स्क्रीनिंग व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत पर भी ध्यान दिया।
कैंसर के कई मामलों में समय पर पहचान उपचार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
देशव्यापी स्क्रीनिंग से जोखिम वाले लोगों तक जांच सुविधाएं पहुंचाने में मदद मिल सकती है।
इसके साथ जागरूकता बढ़ाना भी जरूरी है,
ताकि लोग शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज न करें और जरूरत पड़ने पर चिकित्सकीय सलाह लें।
Jai Sharma | Yugverdhini
FAQ
कैंसर को Notifiable Disease घोषित करने का क्या मतलब है?
इससे कैंसर के मामलों की निर्धारित व्यवस्था के तहत रिपोर्टिंग और निगरानी को अधिक व्यवस्थित किया जा सकता है।
कितने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने कैंसर को अधिसूचित बीमारी घोषित किया है?
सुप्रीम कोर्ट को दी गई जानकारी के अनुसार, 36 में से 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने यह कदम उठाया है।
सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा है?
अदालत ने शेष 19 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से कैंसर को Notifiable Disease घोषित करने पर विचार करने और कैंसर स्क्रीनिंग के उपाय मजबूत करने को कहा है।
