नितिन गडकरी शिक्षा और नवाचार को भारत के भविष्य की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक तकनीक और अनुसंधान ही विकसित भारत का मजबूत आधार बन सकते हैं। नई दिल्ली में आयोजित 20वें एफआईसीसीआई उच्च शिक्षा शिखर सम्मेलन 2025 को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारत के पास दुनिया का सबसे बड़ा युवा वर्ग है और यदि इस शक्ति को सही दिशा, संसाधन और अवसर मिलें तो देश विश्व की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो सकता है।
उच्च शिक्षा और रिसर्च को स्थानीय जरूरतों से जोड़ने की अपील
नितिन गडकरी शिक्षा और नवाचार को उद्योगों और समाज की आवश्यकताओं से जोड़ने पर बल देते हुए कहा कि विश्वविद्यालयों और शिक्षण संस्थानों को केवल डिग्री देने तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उन्हें ऐसे अनुसंधान को बढ़ावा देना होगा, जिससे रोजगार, स्टार्टअप और स्थानीय उद्योगों को सीधा लाभ मिले। उन्होंने कहा कि शिक्षा तभी सार्थक होगी, जब उसका परिणाम समाज और अर्थव्यवस्था के विकास में दिखाई दे।
इन्फ्रास्ट्रक्चर में तकनीकी नवाचार की जरूरत
गडकरी ने बताया कि भारत में सड़क निर्माण की गति लगातार बढ़ रही है,
लेकिन टनल निर्माण, टनल बोरिंग मशीन और आधुनिक इंजीनियरिंग
तकनीकों में अभी और सुधार की आवश्यकता है।
उन्होंने स्विट्जरलैंड, जर्मनी और यूरोप के अन्य देशों का उदाहरण देते हुए कहा कि
भारत को भी रिसर्च-आधारित तकनीकी संस्थानों को मजबूत करना होगा।
उन्होंने नई निर्माण तकनीकों का उल्लेख करते हुए कहा कि इनके उपयोग
से पुल और मेट्रो परियोजनाओं की लागत में लगभग 25 प्रतिशत तक बचत संभव है।
युवाओं से किया नवाचार अपनाने का आह्वान
नितिन गडकरी शिक्षा और नवाचार पर अपने संबोधन में युवाओं से रचनात्मक सोच विकसित करने और कौशल आधारित शिक्षा अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि भारत के पास प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। यदि युवा अनुसंधान, स्टार्टअप और नई तकनीकों को अपनाते हैं, तो भारत आत्मनिर्भर बनने के साथ-साथ वैश्विक स्तर पर नई पहचान स्थापित करेगा।
