भारत में चुनावी ढांचे को मजबूत करने के लिए परिसीमन 2026 को लेकर बड़ी तैयारी चल रही है। सरकार संसद के विशेष सत्र में इससे जुड़े अहम विधेयक पेश करने जा रही है। इस बार खास बात यह है कि परिसीमन केवल 2011 की जनगणना पर आधारित नहीं होगा, बल्कि एक नए संतुलित फॉर्मूले के जरिए सभी राज्यों को फायदा देने की योजना बनाई गई है।
नई योजना के अनुसार, परिसीमन 2026 के तहत लोकसभा सीटों में लगभग 50% तक बढ़ोतरी हो सकती है। इसका सीधा असर उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार और पश्चिम बंगाल जैसे बड़े राज्यों पर पड़ेगा। वहीं दक्षिणी राज्यों को भी नुकसान नहीं होने का दावा किया गया है।
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, इस प्रक्रिया में राज्यों के बीच संतुलन बनाए रखने की कोशिश की जाएगी। उदाहरण के तौर पर तमिलनाडु की सीटें 39 से बढ़कर करीब 59 हो सकती हैं। इसी तरह कई अन्य राज्यों की सीटों में भी बड़ा इजाफा संभव है।
हालांकि, विपक्ष इस मुद्दे पर सरकार को घेर रहा है। उनका कहना है कि इससे कुछ राज्यों का प्रतिनिधित्व प्रभावित हो सकता है। वहीं सरकार का दावा है कि परिसीमन 2026 देश के लोकतंत्र को और मजबूत करेगा और सभी राज्यों को बराबर अवसर देगा।
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
Q1. परिसीमन 2026 क्या है?
यह लोकसभा और विधानसभा सीटों के पुनर्निर्धारण की प्रक्रिया है।
Q2. क्या 2011 जनगणना आधार होगी?
नहीं, इस बार नया संतुलित फॉर्मूला अपनाया जाएगा।
Q3. क्या सभी राज्यों की सीटें बढ़ेंगी?
हाँ, प्रस्ताव के अनुसार सभी राज्यों को फायदा होगा।
