अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोमवार को सोने की कीमत में गिरावट देखने को मिली। बढ़ती तेल कीमतों और महंगाई की चिंता ने निवेशकों की बेचैनी बढ़ा दी है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव का असर अब वैश्विक निवेश बाजार पर साफ दिखाई दे रहा है। स्पॉट गोल्ड की कीमत करीब 1 प्रतिशत तक फिसल गई। वहीं अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स में भी कमजोरी दर्ज की गई। डॉलर मजबूत होने के कारण विदेशी निवेशकों के लिए सोना महंगा हो गया, जिससे मांग पर असर पड़ा।
ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 103 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गई है। माना जा रहा है कि मध्य पूर्व में जारी तनाव जल्द खत्म नहीं होगा। इसी वजह से महंगाई बढ़ने का खतरा बना हुआ है। ऊंची महंगाई के कारण अमेरिकी फेडरल रिजर्व लंबे समय तक ब्याज दरें ऊंची रख सकता है। इसका सीधा असर सोने के बाजार पर पड़ रहा है।विशेषज्ञों के अनुसार, यदि अमेरिकी CPI आंकड़े उम्मीद से ज्यादा आते हैं तो सोने की कीमत में गिरावट और तेज हो सकती है। निवेशक अब अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों और वैश्विक राजनीतिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।
FAQ
सवाल: सोने की कीमत में गिरावट क्यों आई है?
जवाब: तेल कीमतों में तेजी, मजबूत डॉलर और महंगाई चिंता के कारण सोने की कीमत में गिरावट आई है।
सवाल: क्या आगे भी सोना सस्ता हो सकता है?
जवाब: यदि अमेरिकी ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची रहती हैं तो सोने पर दबाव बना रह सकता है।
सवाल: निवेशकों के लिए क्या संकेत हैं?
जवाब: विशेषज्ञ फिलहाल सतर्क निवेश की सलाह दे रहे हैं क्योंकि बाजार में अस्थिरता बनी हुई है।
