सीमा खतरों से निपटने के लिए BSF ने टेकनपुर में भारत का पहला ड्रोन युद्ध स्कूल खोला

बीएसएफ ड्रोन युद्ध स्कूल की शुरुआत मध्य प्रदेश के टेकनपुर स्थित सीमा सुरक्षा बल (BSF) अकादमी में की गई है। यह भारत का पहला समर्पित ड्रोन युद्ध प्रशिक्षण केंद्र है, जिसका उद्देश्य सीमा पर बढ़ते ड्रोन खतरों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए जवानों को आधुनिक तकनीक से प्रशिक्षित करना है। हाल के वर्षों में सीमा पार से ड्रोन के जरिए हथियार, नशीले पदार्थ और अन्य अवैध सामान की तस्करी की घटनाओं में वृद्धि हुई है। इसी चुनौती को ध्यान में रखते हुए बीएसएफ ड्रोन युद्ध स्कूल की स्थापना की गई है।

आधुनिक तकनीक से मिलेगा विशेष प्रशिक्षण

बीएसएफ ड्रोन युद्ध स्कूल में जवानों को ड्रोन संचालन, निगरानी, हथियार प्रणाली, मरम्मत, तकनीकी रखरखाव और ड्रोन रोधी रणनीतियों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम में आक्रामक और रक्षात्मक दोनों प्रकार के अभियानों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, यहां जवानों को कम समय में ड्रोन असेंबल करने और वास्तविक परिस्थितियों में उनका प्रभावी उपयोग करने का अभ्यास भी कराया जाएगा।

सीमा सुरक्षा को मिलेगा बड़ा लाभ

विशेषज्ञों का मानना है कि बीएसएफ ड्रोन युद्ध स्कूल सीमा

सुरक्षा व्यवस्था को नई मजबूती देगा। आधुनिक ड्रोन तकनीक के जरिए सीमा पर संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी तेज होगी और तस्करी तथा घुसपैठ की घटनाओं पर तेजी से कार्रवाई संभव होगी। प्रशिक्षण प्राप्त जवान भविष्य की चुनौतियों का सामना अधिक दक्षता और तकनीकी क्षमता के साथ कर सकेंगे।

भविष्य की सुरक्षा रणनीति का अहम हिस्सा

बीएसएफ का यह कदम भारत की सीमा सुरक्षा प्रणाली को तकनीकी

रूप से मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

आने वाले समय में ड्रोन आधारित निगरानी और ड्रोन रोधी तकनीक

राष्ट्रीय सुरक्षा का अहम हिस्सा बनेगी।  ड्रोन युद्ध स्कूल इस दिशा में देश की सुरक्षा

एजेंसियों के लिए एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण केंद्र साबित हो सकता है।

Spread the love

More From Author

अब हम अन्नदाता ही नहीं, ऊर्जा दाता भी: पीएम मोदी से बोले किसान

असम : काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान में बागोरी रेंज सैलानियों के लिए खुली, दुर्गा पूजा पर मिलेगा विशेष अनुभव

Recent Posts