किसान दिल्ली कूच तीसरी बार नाकाम, आंसू गैस और वाटर कैनन से रोका जत्था

पंजाब के किसानों का किसान दिल्ली कूच 14 दिसंबर 2024 को तीसरी बार शंभू बॉर्डर पर रोक दिया गया। किसान दोपहर करीब 12 बजे अपनी मांगों को लेकर दिल्ली की ओर निकले थे। हालांकि, हरियाणा पुलिस ने उन्हें सीमा पार करने की अनुमति नहीं दी।

किसानों ने बैरिकेड के पास आगे बढ़ने की कोशिश की। इसके बाद पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। करीब दो घंटे तक चले तनाव के बाद किसान नेताओं ने जत्थे को वापस बुला लिया। किसान संगठनों के अनुसार, पुलिस कार्रवाई में कई प्रदर्शनकारी घायल हुए थे।

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इसके बाद किसान नेताओं ने प्रेस वार्ता की। उन्होंने आंदोलन को तेज करने की घोषणा की। उस समय 16 दिसंबर 2024 को देशव्यापी ट्रैक्टर मार्च और 18 दिसंबर को पंजाब में रेल रोको आंदोलन का कार्यक्रम घोषित किया गया था। ये दोनों कार्यक्रम अब बीत चुके हैं।

किसानों की प्रमुख मांग फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी MSP की कानूनी गारंटी थी। इसके अलावा कर्ज माफी, पेंशन और पुराने मामलों को वापस लेने जैसी मांगें भी उठाई गईं। किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से ध्यान नहीं दे रही।

हालांकि, प्रशासन ने कानून-व्यवस्था और आवश्यक अनुमति का हवाला दिया। तीसरा किसान दिल्ली कूच रुकने के बावजूद किसान संगठनों ने आंदोलन जारी रखने की बात कही।

रिपोर्ट: Devidas | Yugvardhini

FAQ

किसान दिल्ली कूच कहां रोका गया था?
किसानों को पंजाब-हरियाणा के शंभू बॉर्डर पर रोका गया था।

किसानों की मुख्य मांग क्या थी?
किसानों की प्रमुख मांग MSP की कानूनी गारंटी थी।

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