पंकज शर्मा जमानत मामले में हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। मुख्य अभियंता विमल नेगी की मौत से जुड़े मामले में आरोपी एएसआई पंकज शर्मा को करीब डेढ़ महीने बाद सशर्त जमानत प्रदान की गई। अदालत ने कहा कि आरोपी को जमानत पर रिहा किया जा सकता है, लेकिन उसे न्यायालय द्वारा तय की गई सभी शर्तों का पालन करना होगा। हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है।
पंकज शर्मा जमानत पर हाईकोर्ट की शर्तें
जमानत आदेश सुनाते हुए अदालत ने स्पष्ट किया कि आरोपी बिना न्यायालय की अनुमति के राज्य से बाहर नहीं जाएगा। साथ ही वह किसी भी गवाह को प्रभावित करने, धमकाने या सबूतों से छेड़छाड़ करने का प्रयास नहीं करेगा। अदालत ने यह भी कहा कि जांच एजेंसियों को आवश्यकता पड़ने पर आरोपी पूरा सहयोग देगा और सुनवाई के दौरान नियमित रूप से अदालत में उपस्थित रहेगा।
मामले में क्या है आरोप?
विमल नेगी मौत मामले की जांच केंद्रीय
अन्वेषण ब्यूरो (CBI) कर रही है।
जांच एजेंसी ने एएसआई पंकज शर्मा
को मामले में गिरफ्तार किया था।
इसके बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा गया।
बचाव पक्ष ने अदालत में दलील दी कि आरोपी निर्दोष है और उसे झूठा फंसाया गया है।
वहीं, सीबीआई ने जमानत का विरोध करते हुए जांच प्रभावित होने की आशंका जताई थी।
आगे की सुनवाई पर नजर
पंकज शर्मा जमानत मिलने के बावजूद मामले की जांच और अदालत में सुनवाई जारी रहेगी। कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि जमानत का अर्थ आरोपी का दोषमुक्त होना नहीं है। अंतिम निर्णय अदालत में उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर ही होगा। इस मामले पर प्रदेशभर की नजर बनी हुई है और आगामी सुनवाई में नए तथ्य सामने आने की संभावना है।
