आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी ने गौतम अडाणी से मुलाकात और बिजली खरीद समझौतों को लेकर लगाए गए रिश्वत के आरोपों पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए कहा कि उनका या उनकी सरकार का किसी भी अवैध लेनदेन से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिकी अदालत में दर्ज आरोपों में उनका नाम कहीं भी शामिल नहीं है और राजनीतिक कारणों से भ्रम फैलाया जा रहा है।
जगन रेड्डी का जवाब
जगन रेड्डी ने कहा कि मुख्यमंत्री के रूप में उद्योगपतियों और निवेशकों से मुलाकात करना शासन की सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा होता है। उन्होंने कहा कि गौतम अडाणी से उनकी मुलाकात भी आधिकारिक और प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत हुई थी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि किसी उद्योगपति से मुलाकात को रिश्वत या भ्रष्टाचार से जोड़ना उचित नहीं है।
बिजली खरीद समझौतों पर सफाई
पूर्व मुख्यमंत्री ने बताया कि बिजली खरीद से जुड़े सभी समझौते सरकारी एजेंसियों और तय नियमों के अनुसार किए गए थे। उन्होंने कहा कि इन प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बनाए रखी गई और किसी निजी व्यक्ति को अनुचित लाभ नहीं दिया गया। उनके अनुसार, अब तक ऐसा कोई ठोस साक्ष्य सामने नहीं आया है जो उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों की पुष्टि करता हो।
राजनीतिक बयानबाजी तेज
जगन रेड्डी के बयान के बाद राज्य की राजनीति में
आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज हो गया है।
विपक्ष लगातार मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है,
जबकि जगन रेड्डी का कहना है कि बिना तथ्यों के लगाए गए आरोप उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी एजेंसी को जांच करनी है तो वह कानून के अनुसार पूरी पारदर्शिता के साथ होनी चाहिए।
फिलहाल यह मामला राजनीतिक और
कानूनी दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बना हुआ है।
आधिकारिक जांच और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर
ही आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।
ऐसे मामलों में किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले
संबंधित जांच एजेंसियों की आधिकारिक रिपोर्ट और न्यायिक प्रक्रिया का इंतजार करना आवश्यक है।
