रामलला के दर्शन के लिए मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम अयोध्या पहुंचे, जहां उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। प्रधानमंत्री रामगुलाम ने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर पहुंचकर भगवान रामलला के दर्शन किए और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इस यात्रा को भारत और मॉरीशस के बीच सांस्कृतिक तथा आध्यात्मिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में की पूजा-अर्चना
रामलला के दर्शन के दौरान मॉरीशस के प्रधानमंत्री ने मंदिर परिसर का भ्रमण किया और श्रीराम जन्मभूमि परिसर की भव्यता की सराहना की। इसके अलावा, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी उनके साथ मौजूद रहे। दर्शन के बाद उन्होंने परिसर में स्थित कुबेर टीला पहुंचकर भगवान शिव के मंदिर में भी पूजा-अर्चना की और देश-दुनिया में शांति एवं समृद्धि की कामना की।
भारत-मॉरीशस संबंधों को मिलेगा नया बल
इस अवसर पर दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और धार्मिक सहयोग को बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। वहीं, प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम ने भारत की आध्यात्मिक विरासत की प्रशंसा करते हुए कहा कि अयोध्या विश्वभर के श्रद्धालुओं के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र बन चुकी है। उन्होंने दोनों देशों के लोगों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान को और मजबूत करने की इच्छा भी व्यक्त की।
आध्यात्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
रामलला के दर्शन के बाद विशेषज्ञों का मानना है कि इस यात्रा
से भारत और मॉरीशस के बीच धार्मिक पर्यटन और सांस्कृतिक सहयोग को नई गति मिलेगी।
हालांकि, यह दौरा केवल धार्मिक दृष्टि से ही नहीं बल्कि दोनों देशों के ऐतिहासिक
और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
दोनों देशों की मित्रता हुई और मजबूत
रामलला के दर्शन के साथ यह यात्रा भारत और मॉरीशस
के बीच गहरे विश्वास और सहयोग का प्रतीक बनकर सामने आई है।
कुल मिलाकर, इस दौरे से दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक,
आध्यात्मिक और कूटनीतिक संबंधों को नई मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
