बिहार में एक बार फिर जहरीली शराब कांड ने कई परिवारों की खुशियां छीन ली हैं। सारण, सीवान और गोपालगंज जिलों में कथित रूप से जहरीली शराब पीने से अब तक 53 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। कई अन्य लोगों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज जारी है। घटना के बाद राज्य सरकार और प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी है तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
प्रशासन के अनुसार, प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं। कई मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराया गया, जबकि गंभीर रूप से बीमार लोगों को बेहतर इलाज के लिए बड़े अस्पतालों में रेफर किया गया है। मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम कर नमूनों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है ताकि मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि की जा सके।
16 गांव सबसे अधिक प्रभावित
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, सारण और सीवान के करीब 16 गांव इस घटना से सबसे अधिक प्रभावित बताए जा रहे हैं। विशेष जांच दल (एसआईटी) ने मामले की जांच शुरू कर दी है और अब तक कई संदिग्ध तस्करों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस अवैध शराब के निर्माण, आपूर्ति और वितरण से जुड़े नेटवर्क की भी जांच कर रही है।
सरकार ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने घटना पर दुख व्यक्त करते हुए
अधिकारियों को निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और
प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने को कहा है।
वहीं, राज्य के मद्य निषेध एवं उत्पाद विभाग ने भी अवैध शराब के कारोबार पर व्यापक अभियान चलाने की बात कही है।
यह घटना एक बार फिर अवैध शराब के कारोबार और
उससे जुड़े जोखिमों को सामने लाती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए कानून का सख्ती से पालन,
जागरूकता अभियान और अवैध शराब के नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई आवश्यक हैं।
फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता पीड़ितों का उपचार,
मौत के कारणों की वैज्ञानिक जांच और दोषियों को न्याय के कटघरे तक पहुंचाना है।
